पटना। न्यूजस्टिच
बिहार की राजधानी पटना को वैश्विक स्तर का महानगर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़े तेवर दिखाए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि पटना मेट्रो और नए सैटेलाइट टाउनशिप जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं डेडलाइन के भीतर पूरी होनी चाहिए ताकि आम जनता को इनका लाभ मिल सके।
मेट्रो और पीआरटी: यातायात की नई परिभाषा
बैठक में पटना मेट्रो की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने परियोजना की लागत में वृद्धि और तकनीकी बाधाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। सीएम ने निर्देश दिया कि इन बाधाओं को अविलंब दूर कर निर्माण कार्य की गति बढ़ाई जाए। इस बैठक का सबसे आधुनिक आकर्षण पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (PRT) रहा। पटना एयरपोर्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए इस नई परिवहन प्रणाली का प्रस्ताव रखा गया है। मुख्यमंत्री ने इसे एक गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा और पटना के ट्रैफिक लोड को काफी हद तक कम करेगा।
11 सैटेलाइट टाउनशिप से बदलेगी शहर की सूरत
शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप की योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना की बढ़ती आबादी के दबाव को कम करने के लिए इन टाउनशिप का विकास अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन टाउनशिप के लिए निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा कर चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए।
जेपी गंगा पथ: मनोरंजन और पर्यावरण का संगम
बैठक में जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान (फेज-1) की रूपरेखा भी साझा की गई। दीघा से सभ्यता द्वार तक 6 किलोमीटर की इस परियोजना को 25 सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसमें पार्किंग, साइकिल ट्रैक, खेल मैदान और महिला हाट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। समीक्षा के तुरंत बाद मुख्यमंत्री खुद जेपी गंगा पथ पहुंचे और दीघा, एलसीटी घाट व बांस घाट का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण ऐसा हो कि लोग सुरक्षित महसूस करें और आनंद भी उठा सकें।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री की इस सक्रियता से यह साफ है कि पटना की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अब ‘फास्ट ट्रैक’ पर लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

