बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र स्थित एम्स गोलंबर के पास से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी कोचिंग संस्थान की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर एक छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान जानीपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती के रूप में हुई है।
क्या है पूरा मामला?
परिजनों के अनुसार, छात्रा गुरुवार सुबह करीब 8:00 बजे अपने घर से कोचिंग के लिए निकली थी। कोचिंग पहुंचने के कुछ ही देर बाद, संस्थान के संचालक ने परिवार को फोन कर सूचना दी कि उनकी बेटी की तबीयत अचानक खराब हो गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आनन-फानन में जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक छात्रा दम तोड़ चुकी थी। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना या सामान्य मौत मानकर परिजन शव को घर ले गए, लेकिन वहां शरीर पर चोट के गहरे निशान और जख्म देखने के बाद उनके होश उड़ गए। परिजनों का आरोप है कि छात्रा के साथ पहले बदसलूकी की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे छत से नीचे फेंक कर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने उस बिल्डिंग में काम करने वाले तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। शव को दोबारा अस्पताल लाकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया है।
पुलिस के मुख्य जांच बिंदु:
क्या छात्रा ने खुद छलांग लगाई या उसे धक्का दिया गया?
कोचिंग संचालक द्वारा ‘तबीयत खराब होने’ की झूठी सूचना देने के पीछे का क्या मकसद था?
घटना के समय सीसीटीवी फुटेज और वहां मौजूद गवाहों की स्थिति क्या थी?
परिजनों का आक्रोश
मृतका के परिजनों ने कोचिंग प्रबंधन और वहां काम करने वाले कर्मियों पर सीधा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह महज एक हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है ताकि दोषियों को सख्त सजा मिल सके।

