मिशन 2047 की साजिश बेनकाब? पटना के अहमद पैलेस से चल रहा था PFI का ट्रेनिंग कैंप, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पर चार्जशीट

पटना। न्यूजस्टिच
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार के बहुचर्चित फुलवारी शरीफ PFI आपराधिक साजिश मामले में अपनी जांच को और तेज कर दिया है। एजेंसी ने बुधवार को पटना स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दो और मुख्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट (Supplementary Charge Sheet) दाखिल की। इस ताजा कार्रवाई के बाद, देश के खिलाफ रची गई इस साजिश में अब तक कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट किया जा चुका है।

साजिश के मास्टरमाइंड अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर शिकंजा
एनआईए की तफ्तीश में यह पुख्ता सबूत मिले हैं कि प्रतिबंधित संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (PFI) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम उर्फ महबूब आलम नदवी और प्रदेश उपाध्यक्ष शमीम अख्तर इस राष्ट्र-विरोधी नेटवर्क को चलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोपी बनाया है।

मिशन 2047 भारत के खिलाफ जहरीला विजन
जांच में जो सबसे खतरनाक बात सामने आई है, वह PFI का आंतरिक गुप्त दस्तावेज है, जिसका शीर्षक India 2047: Towards Rule of Islam in India है। इस दस्तावेज के जरिए संगठन का इरादा भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंककर ‘इस्लामी शासन’ स्थापित करना था। एनआईए के अनुसार, महबूब आलम और शमीम अख्तर न केवल नए युवाओं (कैडरों) को कट्टरपंथी बना रहे थे, बल्कि उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण देने में भी शामिल थे। वे इस विचारधारा को बढ़ावा दे रहे थे कि भारत में इस्लामी शासन की स्थापना के लिए आपराधिक बल और हिंसा का इस्तेमाल पूरी तरह उचित है।

अहमद पैलेस से चल रहा था नेटवर्क
साजिश का मुख्य केंद्र पटना का ‘अहमद पैलेस’ था। जांच में पाया गया कि महबूब और शमीम अन्य आरोपियों के साथ मिलकर यहाँ गुप्त बैठकें और हथियार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते थे। जुलाई 2022 में जब स्थानीय पुलिस ने इस ठिकाने पर छापेमारी की थी, तब वहां से PFI का ‘विज़न डॉक्यूमेंट’ और कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जुलाई 2022 में ही इसकी जांच एनआईए को सौंप दी थी। एजेंसी अब इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस देश-विरोधी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

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