पूर्णिया। न्यूजस्टिच
बिहार के प्रशासनिक इतिहास में पूर्णिया जिले ने एक स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। जिलाधिकारी अंशुल कुमार की दूरदर्शी सोच और करीब तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद बिहार का पहला सुलभ संगणक तैयार किया गया है। यह दस्तावेज़ सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जनता की सहूलियत के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
क्या है ‘सुलभ संगणक’ और जनता को क्या होगा फायदा?
यह एक ऐसी मार्गदर्शिका (Handbook) है, जिसमें जिले के सभी विभागों की कार्य-प्रणालियों, फॉर्मैट्स और प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है। अब किसी भी नागरिक को यह जानने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे कि कौन सा काम किस खिड़की पर होगा। इस पुस्तक के जरिए कोई भी व्यक्ति जान सकता है कि किसी आवेदन का सही प्रारूप (Format) क्या है और वह कार्य किस विधि से संपन्न होगा। कर्मचारियों और पदाधिकारियों के लिए भी यह एक संदर्भ ग्रंथ की तरह काम करेगा, जिससे फाइलों के निपटारे में तेजी आएगी।

दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ विमोचन
12 मार्च 2026 को एक भव्य कार्यक्रम में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्रर, प्रधान सचिव .के. अनिल और मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव श्री चंद्रशेखर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका विमोचन किया। उच्चाधिकारियों ने पूर्णिया की इस पहल को पूरे बिहार के लिए एक ‘मॉडल’ करार दिया है।
इनके मार्गदर्शन में मिली सफलता
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को सफल बनाने में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त राजेश कुमार का निरंतर सहयोग प्राप्त हुआ। डीएम अंशुल कुमार के नेतृत्व में पूर्णिया अब सुशासन और डिजिटल पारदर्शिता की दिशा में अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।

