पूर्णिया के गुलाबबाग में पुलिस ने एक ऐसी खौफनाक ‘हॉरर स्टोरी’ का अंत किया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां एक गल्ला व्यवसायी के आलीशान घर के भीतर पिछले 13 महीनों से न सिर्फ एक युवती को बंधक बनाकर रखा गया था, बल्कि घर की दीवारों और जमीन के नीचे हथियारों का जखीरा और ‘कुबेर का खजाना’ छिपा था। पुलिस ने मंगलवार देर शाम छापेमारी कर युवती को मुक्त कराया और आरोपी व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया है।
एक पुकार और टूट गई 13 महीने की कैद
भवानीपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली यह युवती 13 महीने पहले लापता हुई थी (कांड संख्या 83/25)। परिजन उसे मरा हुआ समझ चुके थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार को युवती का एक रिश्तेदार, सिराज, गुंडा चौक इलाके से गुजर रहा था। तभी छत पर नजर आई युवती ने उसे ‘दादा-दादा’ कहकर पुकारा। सिराज ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी और गुलाबबाग टीओपी पुलिस ने फिल्मी अंदाज में घेराबंदी कर घर में धावा बोल दिया।
₹2 लाख में ‘इंसानियत’ का सौदा
पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई वह दिल दहला देने वाली है। उसने बताया कि नूर नामक एक युवक ने उसे प्रेम जाल में फंसाया और गुलाबबाग लाकर गल्ला व्यवसायी प्रह्लाद जायसवाल (मनोज जायसवाल) के हाथों महज 2 लाख रुपये में बेच दिया। पिछले 13 महीनों से वह उस घर में नर्क की जिंदगी जी रही थी, जहाँ आरोपी उसके साथ लगातार यौन शोषण कर रहा था।
घर नहीं, अपराध का ‘अड्डा’ था व्यवसायी का ठिकाना
जब पुलिस घर के भीतर तलाशी लेने पहुंची, तो वहां का नजारा देख अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घर में जमीन के अंदर छिपाकर रखे गए अवैध सामान बरामद हुए:
- हथियार: 1 देसी कट्टा, 2 सिक्सर और 100 से ज्यादा जिंदा कारतूस।
- खजाना: भारी मात्रा में सोने के जेवरात, 1 किलो चांदी के बिस्कुट और ₹5 लाख नगद।
- दस्तावेज: जमीन के कई संदिग्ध पेपर और पुराने हथियारों के अवशेष।
पुलिस की कार्रवाई और बड़े गिरोह का अंदेशा
गुलाबबाग टीओपी प्रभारी सन्नी कुमार ने आरोपी व्यवसायी को हिरासत में ले लिया है। सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर ने बताया कि यह मामला केवल अपहरण का नहीं, बल्कि मानव तस्करी और संगठित अपराध का एक बड़ा नेटवर्क लग रहा है। पुलिस अब उस ‘नूर’ की तलाश में है जिसने लड़की को बेचा था। बुधवार को युवती का कोर्ट में बयान (164) दर्ज कराया जाएगा।

