आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसदों के एक बड़े धड़े के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की खबरों ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि दूसरे दलों में अच्छे लोगों का दम घुट रहा है, इसीलिए वे भाजपा की शरण में आ रहे हैं।
“नीतियों में विश्वास और विपक्ष में घुटन”: संजय सरावगी
संजय सरावगी ने दिल्ली में आप सांसदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की जीत है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा:
“दूसरे दलों में जो अच्छे और सच्चे लोग हैं, उन्हें अब अपने दल में घुटन महसूस हो रही है। वहां न तो लोकतंत्र बचा है और न ही काम करने का माहौल। वे सभी अब भाजपा की राष्ट्रवाद और विकास की नीतियों में विश्वास जता रहे हैं। इसीलिए अन्य दलों से लोग टूटकर भाजपा में शामिल हो रहे हैं।”
आने वाले समय में और बड़े धमाके के संकेत
संजय सरावगी यहीं नहीं रुके, उन्होंने संकेत दिया कि यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि आने वाले समय में और भी कई बड़े चेहरे भाजपा में शामिल होते दिखाई देंगे। उनके इस बयान को बिहार के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जहाँ अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और कई विपक्षी नेताओं के संपर्क में होने की खबरें अक्सर तैरती रहती हैं।
विपक्ष का ‘सफाया’ या मजबूत होता नेतृत्व?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आप के 2/3 सांसदों का टूटना अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन भाजपा इसे अपनी स्वीकार्यता के रूप में पेश कर रही है। संजय सरावगी के बयान से स्पष्ट है कि भाजपा अब विपक्षी दलों के भीतर की असंतुष्ट आवाजों को अपने पाले में करने की रणनीति पर आक्रामक तरीके से काम कर रही है।
बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद भाजपा का मनोबल बढ़ा हुआ है। सरावगी का यह बयान न केवल दिल्ली की राजनीति पर कटाक्ष है, बल्कि बिहार में विपक्षी गठबंधन (महागठबंधन) के नेताओं के लिए एक मनोवैज्ञानिक चेतावनी भी है।

