मंगलवार को लक्ज़मबर्ग में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने एक कड़ा बयान जारी किया है। विशेषज्ञों ने मांग की है कि ‘यूरोपीय संघ-इजरायल एसोसिएशन समझौते’ (EU-Israel Association Agreement) को पूरी तरह से निलंबित कर दिया जाना चाहिए।
“मानवाधिकारों का उल्लंघन और नरसंहार” का आरोप
विशेषज्ञों के अनुसार, इजरायल को यूरोपीय बाजारों तक तरजीही पहुंच (Preferential Access) मिलना जारी है, जबकि उसके द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि ये उल्लंघन अब ‘अत्याचारपूर्ण अपराधों’ में बदल गए हैं, जिनमें नरसंहार (Genocide) जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया:
“यूरोप के सामने एक स्पष्ट नैतिक परीक्षा है। जब मंगलवार, 21 अप्रैल को लक्ज़मबर्ग में विदेश मंत्री बैठक करेंगे, तो उन्हें इस समझौते को पूर्ण या आंशिक रूप से निलंबित करने पर विचार करना चाहिए।”
कानूनी और नैतिक विफलता का तर्क
विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि यूरोपीय संघ एक तरफ मानवाधिकारों की रक्षा का दावा करता है और दूसरी तरफ उस देश के साथ व्यापारिक लाभ साझा कर रहा है, जिसके आचरण को कई अंतरराष्ट्रीय निकायों ने मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध माना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समझौते का पूर्ण निलंबन केवल राजनीतिक विवेक का मामला नहीं है, बल्कि यह यूरोपीय संघ पर एक ‘कानूनी अनिवार्यता’ है।
10 लाख नागरिकों का समर्थन और ICJ का हवाला
बयान में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि समझौते को निलंबित करने की मांग वाली ‘यूरोपीय नागरिक पहल’ (European Citizens’ Initiative) पर 10 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही, विशेषज्ञों ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) के फैसलों और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू व पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।
व्यापार समझौते जारी रखने पर खड़े होंगे सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूरोपीय संघ इस व्यापार समझौते को जारी रखता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर बड़ा सवालिया निशान होगा। अब पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार को होने वाली यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की बैठक पर टिकी हैं, जहाँ इजरायल के साथ भविष्य के व्यापारिक रिश्तों पर फैसला होना है।

