अमेरिका की राजनीति में एक ऐसा भूचाल आया है जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव थी। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने घोषणा की है कि वे इजराइल को दी जाने वाली करोड़ों डॉलर की सैन्य सहायता और हथियारों की बिक्री को रोकने के लिए सीनेट में मतदान (Senate Vote) के लिए मजबूर करेंगे। यह कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच त्रिकोणीय तनाव अपने चरम पर है।
कौन हैं बर्नी सैंडर्स?
बर्नी सैंडर्स अमेरिका के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली राजनेताओं में से एक हैं। वे वरमोंट से निर्दलीय सीनेटर हैं और वैचारिक रूप से ‘डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट’ माने जाते हैं। सैंडर्स दो बार राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की रेस में रह चुके हैं और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। वे लंबे समय से मानवाधिकारों और न्याय के पक्षधर रहे हैं, और अब वे अपनी ही सरकार की विदेश नीति के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
पहली बार इजराइल का ऐसा कड़ा विरोध
अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार है जब कोई प्रमुख राजनेता और सीनेटर इतने कड़े लहजे में इजराइल का विरोध कर रहा है और उसे सीधे तौर पर
‘नरसंहार’ (Genocide) का दोषी ठहरा रहा है। सैंडर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा:
“अतिवादी नेतन्याहू सरकार, जिसने गाजा में नरसंहार किया है, उसे अमेरिकी करदाताओं से और अधिक सैन्य सहायता की आवश्यकता नहीं है। इस सप्ताह, मैं इजराइल को लगभग आधा अरब डॉलर मूल्य के बम और बुलडोजर की बिक्री रोकने के लिए मतदान कराऊंगा।”
ईरान-इजराइल युद्ध और अमेरिका का त्रिकोण
यह घटनाक्रम मध्य-पूर्व के मौजूदा हालातों को देखते हुए बेहद संवेदनशील है:
• ईरान का एंगल: ईरान और इजराइल के बीच सीधा युद्ध छिड़ने की स्थिति में अमेरिका हमेशा इजराइल के पीछे खड़ा रहा है। लेकिन सैंडर्स के इस कदम ने तेहरान को यह संदेश दिया है कि अमेरिकी नेतृत्व अब इजराइल के हर कदम का अंधा समर्थन करने के लिए तैयार नहीं है।
• अमेरिका की साख: सैंडर्स का तर्क है कि इजराइल को हथियार देकर अमेरिका भी गाजा में हो रही मौतों में ‘भागीदार’ बन रहा है। वे ‘जॉइंट रेजोल्यूशन ऑफ डिसअप्रूवल’ के जरिए इस डील को ब्लॉक करना चाहते हैं।
• इजराइल पर दबाव: बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि अब तक वाशिंगटन से उन्हें निर्बाध हथियारों की आपूर्ति की गारंटी मिलती रही थी।
बदल रही है वैश्विक राजनीति
सैंडर्स के साथ अब कई अन्य अमेरिकी सांसद भी जुड़ रहे हैं जो मांग कर रहे हैं कि इजराइल को हथियारों की सप्लाई तुरंत रोकी जाए। यदि सैंडर्स का यह प्रस्ताव पारित होता है या इस पर व्यापक बहस होती है, तो यह ईरान के खिलाफ इजराइल की सैन्य क्षमता को प्रभावित कर सकता है और बाइडेन प्रशासन को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है। यह महज एक वोट नहीं, बल्कि अमेरिकी संसद के भीतर इजराइल के प्रति दशकों से चले आ रहे ‘बिना शर्त समर्थन’ के खात्मे की शुरुआत हो सकती है।

