"भारतीय तीरंदाज साहिल राजेश जाधव की तस्वीर, जिन्होंने शंघाई में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप स्टेज 2 की कंपाउंड पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक (Bronze) जीता है। पोस्टर पर 'SAI' का लोगो और लक्ष्य बोर्ड (Target Board) नजर आ रहा है।"

कौन हैं तीरंदाजी के नए गोल्डन बॉय साहिल जाधव? डेब्यू में ही विश्व स्तर पर गाड़ा झंडा, मेडल की कहानी जान हो जाएंगे हैरान

भारतीय तीरंदाजी जगत को एक नया सितारा मिल गया है। कंपाउंड तीरंदाज साहिल राजेश जाधव ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। शांघाई में आयोजित तीरंदाजी विश्व कप स्टेज-2 में साहिल ने सटीक निशानेबाजी का मुजाहिरा पेश करते हुए कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। इससे पहले उन्होंने बीते साल ग्रीष्मकालीन विश्व विश्वविद्यालय खेलों (राइन-रूहर) में साहिल ने न केवल टीम स्पर्धा में पदक जीता, बल्कि व्यक्तिगत श्रेणी में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर अपनी पहचान गोल्डन बॉय के रूप में स्थापित कर ली है।

कांस्य पदक के लिए हुए इस रोमांचक मुकाबले में साहिल जाधव का सामना डेनमार्क के अनुभवी तीरंदाज मार्टिन डैम्सबो से था। साहिल ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंत तक अपना दबदबा कायम रखते हुए 147-144 के स्कोर के साथ जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही साहिल ने न केवल पदक जीता, बल्कि विश्व कप के इस चरण में भारत की सफल शुरुआत भी सुनिश्चित की।

साहिल जाधव ने 2025 के ग्रीष्मकालीन विश्व विश्वविद्यालय खेलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना पहला कदम रखा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहली ही प्रतियोगिता में वे आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। रैंकिंग राउंड के दौरान व्यक्तिगत श्रेणी में उन्हें छठी वरीयता दी गई थी, जो उनके कौशल का प्रमाण था।

टीम स्पर्धा में साहिल ने अपने साथी खिलाड़ियों कुशल दलाल और ऋतिक शर्मा के साथ मिलकर शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को तुर्की से कड़ी चुनौती मिली। अंत में महज एक अंक के मामूली अंतर से हारने के बाद भारतीय टीम को रजत पदक (सिल्वर मेडल) से संतोष करना पड़ा, लेकिन इस प्रदर्शन ने साहिल के अगले मुकाबलों के लिए मंच तैयार कर दिया।

व्यक्तिगत श्रेणी में साहिल जाधव का प्रदर्शन और भी अधिक प्रभावशाली रहा। सेमीफाइनल में अपने ही हमवतन कुशल दलाल को शूट-ऑफ राउंड में हराकर वे फाइनल में पहुंचे। स्वर्ण पदक के निर्णायक मुकाबले में उनका सामना ग्रेट ब्रिटेन के अजय स्कॉट से हुआ। साहिल ने फाइनल मैच में अविश्वसनीय एकाग्रता दिखाते हुए लगातार 14 तीर निशाने पर लगाए। यद्यपि उनका आखिरी तीर 9 अंक पर लगा, जिससे वे नया फि‍सु (FISU) गेम्स रिकॉर्ड बनाने से चूक गए, लेकिन उन्होंने अजय स्कॉट को 149-148 के अंतर से हराकर भारत के लिए इस प्रतियोगिता का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता।

  • पूरा नाम: साहिल राजेश जाधव
  • जन्म: 11 अप्रैल 2001 (वर्तमान आयु 25 वर्ष), महाराष्ट्र
  • शिक्षा: वर्तमान में महाराष्ट्र के सतारा स्थित कर्मवीर भाऊराव पाटिल विश्वविद्यालय से प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं।
  • खेल विधा: तीरंदाजी (कंपाउंड श्रेणी)

महाराष्ट्र के सतारा से निकले इस युवा तीरंदाज ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और सटीक लक्ष्य से विश्व स्तर पर जीत हासिल की जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका विश्वविद्यालय बल्कि पूरा देश गौरवान्वित है।