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पूर्णिया में ‘गंदा धंधा’ पर प्रहार! गुलाबबाग रेड लाइट एरिया में महाछापेमारी, 9 नाबालिगों समेत 32 गिरफ्तार, मचा हड़कंप

पूर्णिया। न्यूजस्टिच
बिहार के पूर्णिया जिले से इस वक्त की एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुलाबबाग जीरो माइल स्थित रेड लाइट एरिया में मंगलवार को प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस और नया सवेरा एनजीओ की इस साझा छापेमारी ने इलाके में लंबे समय से फल-फूल रहे देह व्यापार के सिंडिकेट को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है।

घेराबंदी ऐसी कि परिंदा भी पर न मार सके
मंगलवार दोपहर जब पूरा शहर अपनी रफ्तार में था, तभी सदर एसडीओ और एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस की दर्जनों गाड़ियों का काफिला गुलाबबाग जीरो माइल की ओर मुड़ा। पुलिस ने रणनीति के तहत रेड लाइट एरिया को चारों तरफ से इस तरह से सील कर दिया था कि किसी भी संदिग्ध को भागने का कोई रास्ता नहीं मिला। इस अचानक हुई दबिश से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अनैतिक कार्यों में संलिप्त लोग जान बचाने के लिए गलियों और छतों के रास्ते इधर-उधर भागने लगे, जिन्हें पुलिस के सशस्त्र जवानों ने मुस्तैदी से घेराबंदी कर दबोच लिया।

भारी संख्या में हिरासत, नाबालिगों की बरामदगी चिंताजनक
इस सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने देह व्यापार के संदेह में कुल 32 लोगों को हिरासत में लिया है। विस्तृत आंकड़ों के अनुसार, इसमें 19 महिलाएं, 07 ग्राहक और 09 नाबालिग शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाबालिगों का पाया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि इस धंधे के तार गहरे हो सकते हैं। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत सदर थाना लाया गया है, जहाँ महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

आला अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
छापेमारी की गंभीरता और संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका नेतृत्व स्वयं सदर एसडीओ श्वेतम दीक्षित और सदर एसडीपीओ-1 ज्योति शंकर कर रहे थे। इस विशेष टीम में प्रशिक्षु डीएसपी चित्रा कुमारी, श्रवण कुमार, फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी सहित भारी संख्या में पुलिस बल शामिल थे।

एनजीओ की गुप्त सूचना पर बड़ी चोट
अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई नया सवेरा नामक एनजीओ से मिली गुप्त और सटीक सूचना के आधार पर की गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध धंधे के पीछे मुख्य सरगना कौन है और क्या इसमें कोई बड़ा मानव तस्करी का गिरोह सक्रिय है।

सामाजिक सुरक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान
सदर एसडीओ और एसडीपीओ ने संयुक्त रूप से बताया कि इस तरह की सघन और गोपनीय छापेमारी का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों को जड़ से समाप्त करना है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूछताछ के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सदर पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि हो रही है, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। इस मेगा ऑपरेशन से अवैध धंधों में लिप्त अपराधियों के बीच भय का माहौल पैदा हो गया है। जिसे शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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