पटना/नालंदा। न्यूज स्टिच
बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस बार ब्यूरो के रडार पर नालंदा जिले के नगरनौसा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (BCM) मंजीत प्रसाद आया। गुरुवार को निगरानी की टीम ने मंजीत प्रसाद को उनके कार्यालय कक्ष से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार नगरनौसा की रहने वाली परिवादिनी बॉबी कुमारी ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। बॉबी कुमारी के आधार कार्ड पर जन्म तिथि गलत दर्ज थी, जिसे उन्होंने सुधार लिया था। लेकिन सरकारी अभिलेखों (Records) में उसे सही करने, ऑनलाइन अपडेट कराने और जिला अभिलेख में सुधार करने के एवज में BCM मंजीत प्रसाद उनसे रिश्वत की मांग कर रहा था। बार-बार चक्कर लगवाने के बाद जब रिश्वत की मांग नहीं थमी, तो पीड़िता ने कानून का सहारा लेने का फैसला किया।
जाल बिछाकर निगरानी ने दबोचा
शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने इसका गोपनीय सत्यापन कराया। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक श्री श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, जैसे ही मंजीत प्रसाद ने बॉबी कुमारी से 10,000 रुपये पकड़े, वहां पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना स्थित माननीय विशेष न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वर्ष 2026: भ्रष्टाचार पर ‘निगरानी’ का प्रहार (आंकड़ों की जुबानी)
भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में साल 2026 अब तक सरकारी बाबुओं के लिए काल साबित हो रहा है। ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक कुल 36 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। नालंदा की यह कार्रवाई इस साल का 30वां ट्रैप कांड है। रंगे हाथ पकड़े जाने वाले अभियुक्तों की कुल संख्या 26 पहुंच गई है। अब तक कुल 9,44,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है।
Newsstich का संदेश: आप भी बन सकते हैं भ्रष्टाचार के खिलाफ ढाल
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है, तो डरे नहीं। आप सीधे इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं:
लैंडलाइन: 0612-2215030, 2215344
व्हाट्सएप: 9473494167
ई-मेल: spvig-bih@nic.in
ये भी पढ़ेंः
CO ने सरकारी जमीन को बना दिया रैयती, अब CO के खिलाफ मुकदमा हुआ दर्ज

