बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले राज्य की राजधानी में एक ऐसी मुलाकात हुई है, जो राजद (RJD) और लालू परिवार के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। पूर्व मंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद तेज प्रताप ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिससे उनके राजद से अलग होने की अटकलों को और हवा मिल गई है।
मुलाकात या नई राह का संकल्प?
प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद तेज प्रताप यादव ने इसे अपने राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उन्होंने कहा:
“आज की मुलाकात प्रशांत किशोर जी के साथ काफी गहन रही। हमने जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की। यह संवाद मेरे लिए सकारात्मक सोच और जनसेवा के संकल्प को मजबूत करने वाला रहा।”
राजद से बढ़ती दूरियां और बगावत की कहानी
तेज प्रताप यादव का राजद से मोहभंग कोई एक दिन की घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से उनके और पार्टी के बीच “ऑल इज नॉट वेल” की स्थिति बनी हुई थी:
- पार्टी में उपेक्षा: तेज प्रताप लंबे समय से पार्टी के भीतर अपनी उपेक्षा और छोटे भाई तेजस्वी यादव को मिल रहे अत्यधिक महत्व से असहज महसूस कर रहे थे।
- संगठन से नाराजगी: कई मौकों पर उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं (जैसे जगदानंद सिंह) के खिलाफ सार्वजनिक रूप से मोर्चा खोला था।
- स्वतंत्र पहचान की तलाश: तेज प्रताप ने अपनी ‘छात्र जनशक्ति परिषद’ के माध्यम से अपनी अलग जमीन तलाशने की कोशिश की थी, जिसे राजद नेतृत्व ने कभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया।
क्या पीके और तेज प्रताप का समीकरण बदलेगा बिहार की दिशा?
प्रशांत किशोर लगातार लालू-नीतीश के ’15-15 साल’ के शासन पर हमलावर रहे हैं। ऐसे में लालू के परिवार के ही एक सदस्य का उनके साथ खड़ा होना, राजद की साख पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि तेज प्रताप ‘जन सुराज’ के साथ औपचारिक रूप से जुड़ते हैं, तो यह न केवल यादव वोट बैंक में सेंधमारी कर सकता है, बल्कि राजद के भीतर भी आंतरिक कलह को बढ़ा सकता है। फिलहाल, यह मुलाकात औपचारिक चर्चा बताई जा रही है, लेकिन राजनीति में कोई भी कदम बिना उद्देश्य के नहीं उठाया जाता। तेज प्रताप का यह ‘सकारात्मक संकल्प’ बिहार में एक नए गठबंधन या नई पार्टी की ओर इशारा कर रहा है। क्या तेज प्रताप अपनी विरासत छोड़कर ‘जन सुराज’ के सारथी बनेंगे? यह आने वाला वक्त तय करेगा।

